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EHSAAS EK PRAYAS


GOOD THOUGHT
FIND YOUR PATH

शॉर्ट स्टोरी (SHORT STORY):

अनूप बहुत ही सीधा और समझदार इंसान था, लेकिन आजकल के आधुनिक और प्रैक्टिकल युग में उसके सीधेपन को सब भोंदूपन मानते थे | उसके  रिश्तेदार, इंजीनियरिंग कॉलेज वाले क्लास मेट और बाद में ऑफिस वाले भी उसके इस व्यवहार को कायरता समझ मजाक का पात्र बनाते थे | लेकिन वो इन सब को ध्यान ना देते हुए अपने काम पर ध्यान लगाता था, वो सुनता सबकी था लेकिन करता मन की था | 

जहाँ एक ओर अनूप के दोस्त, रिश्तेदार और सहकर्मी उसको नीचा दिखाने और हंसी का पात्र बनाने में लगे थे, अनूप अपने लक्ष्य को अर्जुन की तरह भेदने में लगा था | वो अपना एक सॉफ्टवेयर बनाने में लगा था, जो आईटी इंडस्ट्री में बहुत बड़ा बदलाव ला सकता था | उसे पता था की उसके इस सॉफ्टवेयर से बहुत काम सरल हो जायेगा| साथ ही वो एम.एस की तैयारी में भी लगा हुआ था | 2 साल की कड़ी मेहनत करने के बाद वो दिन आ ही गया जब उसका अच्छे कॉलेज में एडमिशन हो गया और वहां जा उसके सॉफ्टवेयर बनाने के सपने को और पंख मिल गए | बाद में उसे बेस्ट स्टूडेंट ऑफ़ दी ईयर (BEST STUDENT OF THE YEAR) का अवार्ड मिला, साथ ही उसके सॉफ्टवेयर को पेटेंट भी कराया गया |

उसकी इस सफलता से किसी दोस्त और रिश्तेदार की आँखे खुल गयी, कोई उसे बधाई देने आ गया और कोई उससे जलने में ही लगे रहे | ये बात बहुत सरल और आसान लग रही है, लेकिन अनूप जैसे अगर हम भी हमारे बाहरी शोर को दरकिनार कर अगर आंतरिक आवाज़ को सुनेंगे तो समझेंगे की अपने सपनों के आगे कोई भी चीज इतनी बड़ी नहीं होती है, की सपनों को छोड़ दिया जाएं | जिनके सपने झूठे होते है और जिनको उनपर यकीं नहीं होता वे ही "4 लोग क्या कहेंगे की बात पर यकीं कर जाते है" |

आइये हम भी अनूप की तरह इन फालतू व्यंगो और बातो के लिए थोड़े गूंगे और बहरे बन जाते है | ऐसी चीजें ना सुनते है और ना इसके विरूद्ध कुछ बोलते है, बस अपने लक्ष्य को पाने के लिए जूनून के साथ प्रयत्न करते है |

वो कहते है ना "मेहनत इतनी ख़ामोशी से करो, की सफलता शोर मचा दे" बस तो इसी बात पर दुनिया की छोड़ कुछ अपने लिए कर लेते है.... |

उठे और अपने सपनो को पूरा कीजिए, मंजिलो को ढूंढे और रास्तों का मज़ा लीजिए...

शुक्रिया ....


May 03, 2018 No comments
10 Years Friendship-EHSAASEKPRAYAS.BLOGSPOT.IN
10 Years Friendship

सुबह का समय था, घर पर सब अपने अपने काम में लगे हुए थे। रूही भी सबके लिए नाश्ता बना रही थी, ऐसे में अचानक उसके मोबाइल पर नोटिफिकेशन आया लेकिन टाइम ना होने के कारण वो उसे नहीं देख पाई। 

नाश्ता, खाना बना और सबके टिफ़िन दें- वो खुद नाश्ता करने बैठी तो सामने पड़े मोबाइल पर उसका ध्यान गया। चाय की चुस्कियों के साथ उसने अपना फेसबुक नोटिफिकेशन देखा जिसमें उसे अपने कॉलेज के पुराने दोस्तों के साथ टैग किया गया था और फिर क्या था वो यादों के झरोखे में जैसे खो सी गयी थी। उसे वही पुराने दिन, कॉलेज की मस्ती, लड़ाई, दोस्तों संग पढ़ना और बातें करना याद आ रहा था। 

वो जैसे खुद को तरोताज़ा महसूस कर रही थी चाय की वजह से नहीं यादों के वजह से, उसके चेहरे पर एक सुकून भरी हंसी थी। आज रूही की शादी को 8 साल हो गए थे और पढ़ाई पूरी करे हुए भी और उसे ये महसूस ही नहीं हुआ की समय कब इतना बदल गया, कहाँ चुलबुली रूही एक जिम्मेदार बहु, बीवी, माँ बन गयी थी। दोस्तों से बात किये हुए और उनका चेहरा देखे सालों बीत गए थे, अब तो बस यादें थी जो साथ हो चली थी। 

इन्ही यादों को ताज़ा करने के लिए उसने फ़ोन से अपनी 10 साल पुरानी सहेली का नंबर लगाया और सामने से आवाज़ आयी हेलो आप कौन! 

इस वाक्ये से ये बात जरूर समझ आ गयी की संचार के इतने साधन होने के बाद भी हम कितने अजनबी हो गए है। पहले तो एक चिट्टी ही दिलों के तार जोड़े रखती थी और कबूतर जा जा करके ही बातें अपनों तक पहुँच जाया करती थी। काश वो दिन वापस लौट आते जब "WHO ARE YOU?"की जगह सब "HOW ARE YOU?" बोलते नज़र आते। काश........
FRIENDSHIP-EHSAASEKPRAYAS.BLOGSPOT.IN
May 03, 2018 No comments
MAHAVIR JAYANTI

सबसे पहले, अहिंसा पथगामी, जैन धर्म के २४ वें और आखिरी तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मोत्सव (MAHAVIR JAYANTI) पर सभी देशबंधुओं को एहसास एक प्रयास की और से हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएं।


भगवान महावीर जीवन के हर पथ पर मार्गदर्शन करने और रोग, मोह, माया, क्रोध पर विजय पाने के लिए हमेशा साथ रहते है। वे मार्ग दर्शाते है, मोक्ष के मार्ग की ओर रास्ता दिखाते है। भगवान महावीर की उपस्तिथि मात्र से मोक्ष मार्ग को खोजने में आसानी होती है। अगर कोई व्यक्ति उनके सारे नियम और कथन का अनुसरण करे तो जीवन में आने वाली विषम परिस्थियाँ भी कुछ नहीं बिगाड़ सकती है। महावीर कहते है " स्वयं से लड़ो, बाहरी दुश्मनों से क्या लड़ना? जो स्वयं पर विजय प्राप्त कर लेंगे उन्हें आनंद की प्राप्ति होगी।"

धर्म वही है जहाँ अहिंसा है, प्रेम है और वैराग्य है। राजा होते हुए भी जीवन की सारी सुख सुविधाएं छोड़ जंगल में कठिन तपस्या कर मोक्ष को जिन्होंने पाया, ऐसे त्रिशला नंदन वीर को हमारी तरफ से अनुमोदना और वंदन है। ऐसे वीर प्रभु के बताये गए पथ पर चलना आसान नहीं है, लेकिन उनके गुणों और वचनो को आत्मसात कर हम जीवन को जरूर जीने लायक बना सकते है। आइये प्रेम, वात्सल्य और अहिंसा को अपनाये और दुसरो पर भी इसकी बौछार करे। 
"त्रिशला नंदन वीर की जय बोलो महावीर की" 
March 29, 2018 No comments
BIRTHDAY
BISMILLAH KHAN
शहनाई को हमारे भारत में शगुन के रूप में मानते है और इसकी धुन को शुभ कार्यक्रमों में बजाया भी जाता है। ऐसे ही शहनाई वादक जिनकी शहनाई की धुन सुन कर हम बड़े हुए आज उनका 102 वां जन्मदिन है। जी हां! आज बिस्मिल्लाह खान जी का जन्मदिन है। आइये जानते है कुछ उनके जीवन के बारे में:
  •  21 मार्च 1916, डुमराव,बक्सर जिला (अभी बिहार में) में जन्मे बिस्मिल्लाह खान देश का गौरव थे। इनका जन्म का नाम क़मरुद्दीन खान था।
  • इनके पिताजी पैगम्बर बक्श खान भी डुमराव पैलेस में महाराजा केशव प्रसाद सिंह के राज्य में संगीतकार थे ।
  • उनके 5 पुत्री और 3 पुत्र थे साथ ही पोते पोती भी है। उनकी एक गोद ली हुई बेटी सोमा घोष भी है जो की शास्त्रीय संगीत गायक है। 
  • उस्ताद बिस्मिल्लाह ने बचपन से ही शहनाई वादन किया ,शहनाई और उनको एक दूसरे का प्रर्यायवाची माने जाने लगा।
  • हर स्वतन्त्रा दिवस और गणतंत्र दिवस को उनके द्वारा शहनाई वादन किया जाता था, जिसका सीधा प्रसारण टी वी पर होता था (दूरदर्शन)।
  • उनके कई एल्बम भी आये जिसमे उन्होंने शहनाई वादन को नयी पहचान दी।
  • उनके शागिर्द में से खास एस. बल्लेश और उनके खुद के पुत्र  नाज़िम हुसैन और नय्यर  हुसैन थे ।
  • उन्हें कई सम्मान से नवाजा गया जिसमे :

  1.  भारत रत्न (2011)
  2.   तलर मउसीके ईरान गणतंत्र की ओर से (1992)
  3.   पद्म विभूषण (1980)
  4.   पद्म भूषण (1968)
  5.  संगीत नाटक अकादेमी अवार्ड (1956)
  6.   तानसेन अवार्ड मध्य प्रदेश सरकार की ओर से
  7.  तीन मैडल आल इंडिया म्यूजिक कांफ्रेंस, कोलकाता से (1937)
  •  बिस्मिल्लाह खान जी को डॉक्ट्रेट की उपाधि से भी नवाजा गया :

  1. बनारस  हिन्दू  यूनिवर्सिटी , वाराणसी
  2. विश्व भारती  यूनिवर्सिटी , शांतिनिकेतन

  • भारत सरकार के पोस्टल विभाग ने वर्ष 2008 में बिस्मिल्लाह खान के नाम से 5 रूपये का स्टाम्प भी जारी किया ।
  • उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के सम्मान में संगीत नाटक अकादमी ने वर्ष 2007 में उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार कला के क्षेत्र में युवा नौजवानो के लिए प्रदान करना शुरू किया ।
  • 21 अगस्त 2006 को बिस्मिल्लाह खान ने इस दुनिया से रुक्सत ले ली। उनको सम्मान देने के लिए उनकी शहनाई को भी उनके साथ दफ़न किया । भारत सरकार ने उन्हें राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी।
शहनाई के महानायक उस्ताद बिस्मिल्लाह खान को उनके जन्मदिन पर विनम्र श्रद्धांजलि.....

March 21, 2018 No comments
Pray For Syria
सीरिया जहाँ कई सालों से लोग हिंसा और देहशत के माहौल में जी रहे है हर पल हर घड़ी जहाँ मौत खड़ी होती है बड़े बड़े देश वहां शांति नहीं बल्कि हथियार पहुँचाने में लगे हुए है आतंकवादी संगठन, सीरिया की सरकार और दूसरे देशो के राजनेता सभी अपने हित के लिए लड़ रहे है साल 2011 से शुरू हुए इस युद्ध ने ना जाने कितने बच्चे, जवान और वृद्धो की जान ले ली होगी कितने सपने चूर चूर हुए होंगे और कितनी माँ की गोद सुनी हुई होगी क्या सहमी हुई ये जिंदगी किसी काम की है? क्या संसार के देशो को इसके लिए कुछ करना नहीं चाहिए? सोचिये! और ये भी सोचिये और शुक्र मनाये की आज हम खुले आसमां में आज़ाद परिंदे जैसे साँसे ले पा रहे है हमारे सैनिको के कारण दुआ कीजिए सीरिया में रहने वाले लोगो और खास कर बच्चो के लिए जो पैदा होते से ही सन्नाटे और डर से सहमे हुए है! आखिरी में बस यही प्रार्थना की :
हम को मन की शक्ति देना, मन विजय करें
दूसरों की जय से पहले खुद को जय करें 
हम को मन की शक्ति देना, मन विजय करें
दूसरों की जय से पहले खुद को जय करें 
हम को मन की शक्ति देना..
भेदभाव, भेदभाव अपने दिल से साफ़ कर सके,
दोस्तों से भूल हो तो माफ़ कर सकें, 
झूठ से बचे रहें, सच का दम भरे
दूसरों की जय से पहले खुद को जय करें 
हम को मन की शक्ति देना मन विजय करें
दूसरों की जय से पहले खुद को जय करें
हम को मन की शक्ति देना …
मुश्किलें पड़ें तो हम पे इतना कर्म कर
साथ दे तो धर्म का, चलें तो धर्म पर 
खुद पे हौसला रहे, बदी से ना डरें
दूसरों की जय से पहले खुद को जय करें 
हम को मन की शक्ति देना मन विजय करें
दूसरों की जय से पहले खुद को जय करें
हम को मन की शक्ति देना…
March 21, 2018 No comments
We are still Alive
Life
आज करीब पन्द्र दिन बाद वापस लिख रही हूँ। अभी जो समय चल रहा है खबरे आ रही है उससे दिल में दो सवाल आ रहे है एक ख़ुशी भरा और गम को साथ लिए।

1. ख़ुशी:
भगवान् का बहुत धन्यवाद है की आज भी इस पल में भी हम जिन्दा है। अपनी आँखों से देख पा रहे है, अपने मुँह से बोल पा रहे है और ख़ास बात हमारी साँसे चल रही है।

2. दुःख:
छोटी छोटी उम्र में लोग हमारा साथ छोड़ते जा रहे है। मानसिक तनाव, भागदौड़ ने हमारे ऊपर मरने से ज्यादा जीने का बोझ डाल दिया है। झूठी शान के चलते या तो हम आत्महत्या कर रहे है या फिर हमारा दिल हमारा साथ नहीं दे रहा है।

आखिर इस कश्मकश से कैसे दुरी बनाये की हमे खुश होना चाहिए की दुखी समझ नहीं आ रहा है? क्या आपके दिमाग ने भी ये प्रश्न कभी आपसे किया है? अगर हां तो सवाल का जवाब ढूंढिए और अगर ना तो सोचिये क्युकी ये वक़्त गुजर जाएगा.... जिओ दिल से .....
ए मुसाफिर चलने के साथ रुकना भी सिख ले, 
ये वक़्त की आवाज़ है जरा अपनों से भी मिल ले।


March 15, 2018 No comments
WORLD WILDLIFE DAY: 3 MARCH
हर साल 3  मार्च को विश्व वन्यजीव दिवस (WORLD WILDLIFE DAY) के रूप में मनाया जाता है। इस साल 2018 में इस दिवस का मुख्य विषय या कहे थीम - बड़ी बिलियाँ: शिकारियों के खतरे में है (Big cats: predators under threat)।

विश्व वन्यदिवस का इतिहास:


20 दिसंबर 2013 को संयुक्त राष्ट्र महासभा की 68वीं अधिवेशन में वन्यजीवों की गंभीर गिरती हुई संख्या और उनकी सुरक्षा के लिए लोगो को को जागरूक करने एवं वनस्पति की लुप्तप्राय प्रजाति के लिए ध्यान आकर्षित करने के लिए इस दिन की घोषणा की। वन्य  जीवो को विलुप्त होने से रोकने के लिए सबसे पहले वर्ष 1872 में वाइल्ड एलिफेंट प्रिजर्वेशन अधिनियम (एक्ट) पारित किया था।


भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्लू.आई.आई):


भारतीय वन्यजीव संस्थान की स्थापना 1982 में की गई। यह संस्थान केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के अधीन स्वशासी संस्थान है जिसे वन्यजीव संरक्षण क्षेत्र के प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान के रूप में मान्यता दी गई है।


वन्यजीवों से सम्बंधित अपराधों के लिए :


वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो वन्यजीव संबंधी अपराधों को रोकने के लिए वन्य जीव संरक्षण निर्देशक के अंतर्गत वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो का गठन किया गया। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो देश में संगठित वन्य जीव अपराध से निपटने के लिए केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के अधीन भारत सरकार द्वारा स्थापित एक सर्वाधिक  अनुशासनिक इकाई है। इसका मुख्य कार्यालय नई दिल्ली में है।  इसके  क्षेत्रीय कार्यालय नई दिल्ली कोलकाता जबलपुर मुंबई और चेन्नई में स्थित है।


जागरूकता लाये:


आइये वन्य जीवो की रक्षा करे, और उनके साथ साथ हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी हरी और रहने लायक धरती छोड़ कर जाए। क्योकि वन्यजीव है तभी हम है और हमारी आने वाली पीढ़िया भी है।
March 03, 2018 No comments
National Defence Day
  • मैं तिरंगा फहराकर वापस आऊंगा या फिर तिरंगे में लिपटकर आऊंगा, लेकिन मैं वापस अवश्य आऊंगा। – कैप्टन विक्रम बत्रा, परम वीर चक्र
  • यदि अपना शौर्य सिद्ध करने से पूर्व मेरी मृत्यु आ जाए तो ये मेरी कसम है कि मैं मृत्यु को ही मार डालूंगा। – कैप्टन मनोज कुमार पाण्डे, परम वीर चक्र, 1/11 गोरखा राइफल्स
  • इसका हमें अफसोस है कि अपने देश को देने के लिए हमारे पास केवल एक ही जीवन है। – अॉफीसर प्रेम रामचंदानी
  • यदि कोई व्यक्ति कहे कि उसे मृत्यु का भय नहीं है तो वह या तो झूठ बोल रहा होगा या फिर वो इंडियन आर्मी का ही होगा। – फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ
आज 2  मार्च को हर साल हम राष्ट्रीय रक्षा दिवस के रूप में मानते है यह दिन तीनों सेवाओं, सेना, नौसेना और वायु सेना के कैडेटों के संयोजन के द्वारा मनाया जाता है। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) भारतीय सशस्त्र बलों की एक संयुक्त सेवा अकादमी है इन 3 सेवाओं के कैडेटों को उनके संबंधित सेवा अकादमियों को प्री-कमीशनिंग प्रशिक्षण देने से पहले एक साथ प्रशिक्षित किया जाता है। मुख्य कार्यालय पुणे, महाराष्ट्र के पास खडकवासला में स्थित है। खडकवासला दुनिया में पहली त्रिकोणीय सेवा अकादमी है। इसे दुनिया भर में सर्वश्रेष्ठ अकादमी के रूप में दर्जा दिया गया है। खडकवासला एनडीए की पहली त्रिकोणीय सेवा अकादमी है जिन्होंने 3 परम वीर चक्र और 9 अशोक चक्र प्राप्त किए हैं। हमारे देश के महँ रक्षक और भक्तो के दिन की आप सभी को बधाइयां और शुभकामनाये .......
आखिरी में बस इतना यह की:
वो जागते है ताकि हम सो सके, वो शहीद होते है ताकि हम जी सके .......
दुआ आज करलो उनके लिए जो घर से निकले फिर ना लौट आने के लिए .....
March 02, 2018 No comments
Happy Holi


होली खेले मन, आज भीगा लो तन,
मिटेगा हर गम, क्योकि होली खेले हम।

जी हां आज पुरे देश भर में होली की और रंगो की बहार है। हर कोई अपने अपने तरीके से होली खेल रहा है । रंगो के इस त्यौहार में रंगो से ना डरे रंग बदलने वालो से डरे। खुल कर होली खेले और खिलाये। एहसास एक प्रयास की तरफ से आप सभी को होली की शुभकामनाएं।

गुजिया की मिठास हो, रंगो की बहार हो। 
लाली हो माथे पर और भंग की तेजास हो।
होली का ये त्यौहार आपके लिए बहुत खास हो।

March 02, 2018 No comments
NO TO SUICIDE
1 मार्च - सेल्फ इंजूरी अवेयरनेस डे के रूप में मनाया जाता है। डिप्रेशन और अवसाद से ग्रस्त लोगो की संख्या आज पुरे विश्व में बढ़ते जा रही है। लोग अवसाद में अपने आप को चोट पहुंचाते है और खुद मरने की कोशिश भी करते है, जिसे हम सुसाइड कहते है। इसी अवसाद और स्वयं को चोटिल करने की सोच के विरूद्ध आज 1 मार्च को ये दिन मनाया जाता है। इस दिन ख़ुशी बांटो, ख़ुशी से रहो और हर गम, मुसीबत से डट कर सामना करो पर पूर्ण फोकस रहता है। लोग नारंगी (ऑरेंज) रंग के कपडे पहनते है, नारंगी रंग का फीता बांधते है और ये सन्देश देते है की जान है तो जहान है। कोई भी गम और मुसीबत हमारी जिंदगी से बढ़ कर नहीं होते अगर डटे रहेंगे तो जीतेंगे जरूर। आये आज हम खुद को और औरो को भी इतना मजबूत करे की स्वयं को चोट पहुंचाने का विचार दिमाग में ना आये और हमारी सोच को नयी दिशा में मोड़, सुनहरा भविष्य बनाये।
नोट:
डिप्रेशन और अवसाद अन्य बीमारियों के भी कारण है इनसे दूर रहने के लिए:

  • अपनों से बाते करे ,
  • खुद को अकेला महसूस ना होने दे, 
  • खुश रहे और जो दिल को अच्छा लगे करे,
  • दिल में आयी बातो को अपनों से साझा करे,
  • लोगो की बातो को दिल से लगाना छोड़ दे
  • किसी भी दुःख और मुसीबत के लिए खुद को तैयार रखे ।
March 01, 2018 No comments
Dr. Rajendra Prasad
आज 28 फरवरी हमारे देश के पहले राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की पुण्यतिथि है। उनका जन्म जीरादेई बंगाल प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश राज में (अभी बिहार में) 3 दिसंबर 1884 में हुआ था। राजेंद्र प्रसाद जी पेशे से एक शिक्षक और वकील थे और राजनीती में रुझान होने के कारण वे इंडियन नेशनल कांग्रेस से जुड़े और गाँधी जी के साथ मिल के सत्याग्रह और भारत छोडो आंदोलन का हिस्सा रहे। वे आज़ाद भारत के पहले राष्ट्रपति थे और उनका कार्यकाल 26 जनवरी 1950 – 14 मई 1962 तक रहा। उन्हें वर्ष 1962 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया। 28 फरवरी 1963 , 78 वर्ष की उम्र में उनका पटना बिहार में निधन हो गया। आज उनकी पुण्यतिथि पर उनको हमारी तरफ से शत-शत नमन ....।
February 28, 2018 No comments
NATIONAL SCIENCE DAY
क्या आपको पता है 28 फरवरी को क्या है और क्यों? नहीं! तो आइये जानते है इस दिन राष्ट्रीय विज्ञान दिवस होता है। जो अनुसन्धान केन्द्रो, स्कूलों और कॉलेजो में बड़े अनोखे ढंग से मनाया जाता है। आज के दिन सी. वी रमन ने रमन इफ़ेक्ट की खोज की थी और इसी कारण इस दिन को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। टेक्नोलॉजी और विज्ञान के क्षेत्र में उनका बहुत योगदान रहा है और उनको भौतिक विज्ञान में अपना श्रेष्ठ देने के लिए 1930 में नोबेल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया और 1954 में उनको श्रेष्ठ भारतीय पुरस्कार भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था। आज के दिन विद्यार्थी अलग अलग प्रयोग कर प्रदर्शनी लगाते है और विज्ञान के चमत्कार से रूबरू होते है। तो आइये विज्ञान की दुनिया में विज्ञान दिवस को वैज्ञानिक तरीके से मनाये ... विज्ञान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
February 27, 2018 No comments
Actress Sridevi 
रविवार की सुबह जब हम सब उठे ही थे, तो खबर आई की चांदनी अब इस दुनिया में नहीं रही और फिर मुँह खुला, दिमाग अवाक् सा रह गया और दिल था की मान ही नहीं रहा था। हमारे बचपन में हमने उनकी बहुत फिल्मे जो देखी थी कभी तेज, कभी चुलबुली तो कभी मासूम हमारे दिल में उनकी एक अलग छवि बनी हुई थी। बड़ी बड़ी आँखों से जब वो देखती थी तो लगता था की कही दूर से कोई उजाला कर रहा हो। अपनी अदाकारी के साथ साथ निजी जीवन में भी उनको अपनी दो बेटियों के साथ देख दिल को सुकून मिलता था। हर माँ की तरह वो भी अपनी बच्चियों के साथ माँ से ऊपर एक दोस्त भी थी, कभी खबर आती थी की वो छुट्टी मना रही है तो कभी ये की बेटी से तू तू मै मै हो गयी है। इतने बड़े रुतबे के बाद भी माँ -माँ ही होती है, वो हमे हंसाती है, डांटती है तो कभी खुद हमारे साथ रोने लगती है। बस ऐसा ही रिश्ता रहा होगा हमारी हवा हवाई गर्ल और उनकी बेटियों का। उनकी बेटियां ख़ुशी और जहान्वी को ये शरारते और बचपन के दिन बहुत याद आने वाले है। भगवान आने वाले समय में उन दोनों का हौसला बनाए रखे क्योकि माँ से बढ़ कर कोई नहीं समझ सकता की बच्चे को क्या चाहिए। माँ का जाना जीवन में बहुत अखरता है और जीवन वीराना सा लगने लगता है। आशा है श्रीदेवी अपने बच्चो के साथ सदा रहे आशीर्वाद बन कर ताकि बच्चो को माँ की कमी न महसूस हो। ॐ शांति  ।।
February 27, 2018 No comments
Two body One soul

मीनू अलोक की शादी को आज 5 साल हो गए थे। अलोक ऑफिस से आ गए था और रोज की तरह हाथ मुँह धो चाय के इंतज़ार में था। हर दिन की तरह मीनू ने अपने पति को आज भी चाय बना के दी और बिना कुछ बोले ही कमरे में चले गयी।

चाय पी अलोक ने कमरे में जा कर पूछा और आज क्या स्पेशल बना रही हो? मीनू ने कहा- क्यों आज क्या है जो ख़ास बनाऊ? इस पर अलोक ने बोला, आज हमारी शादी की सालगिरह है याद नहीं तुमको। पहले तो कई दिन पहले से तैयारी में लग जाया करती थी। मीनू कुछ ना कह भी बहुत कुछ कह वहाँ से चली गयी। अलोक को उसकी चुप्पी समझ नहीं आई, तो वो उसके पीछे गया और पूछा क्या हो गया मीनू ने कहा कुछ नहीं बस काम कर रही हूँ और क्या?

अलोक ने फिर पूछा क्या स्पेशल बना रही हो, इस बार मीनू थोड़ी से चीड़ सी गयी बोली- लोकी की सब्जी, दाल और रोटी बना रही। अलोक बहुत असमंजस में आ गया की उसकी मीनू जो हर त्यौहार हर ख़ास दिन को और ख़ास बना देती थी। वो भले भूल जाता था पर मीनू नहीं भूलती थी। हमेशा कुछ नया और ख़ास करती थी, मुझे फूल, बढ़िया खाना और तोहफे भी दिया करती थी। आज उसे क्या हो गया?

उधर मीनू का मन भारी हो रहा था और आंखे नम हो गयी थी, बाथरूम में जा कर वह रोने लगी। ऐसा लग रहा था मानो वो अंदर से थक सी और टूट सी गयी हो। उसका मन आज भी कह रहा था की कुछ ख़ास करे पर दिमाग ने उसे सख्त हिदायत दे दी थी की बस अब बहुत हुआ माना प्यार लेने और सिर्फ पाने का नाम नहीं है लेकिन थोड़ी उम्मीद तो पाने की होती ही है। उसके अंदर यही द्वन्द चल रहा था।

शादी कर के जब वो अपने पति के साथ आयी थी, तो उसे लगता था की अलोक उसे तोहफे देगा, कभी गुलाब तो कभी कोई और सरप्राइज। कैंडल लाइट डिनर करेंगे कभी तो कभी हिल स्टेशन घूमने जायेंगे। लेकिन आज 5 साल बाद भी उसे ना कोई तोहफा मिला था, ना कही घूमने जाने का मौका। वो भी अगर कुछ करती थी तो बस एक थैंक्स मिल जाया करता था और कुछ तारीफ वाले शब्द। उसने कितनी बार अपने पति से फरमाइश भी की लेकिन वो सब कुछ बहाने और समय की बर्बादी कह टाल दी गयी। ये सब देख मीनू का मन भी उतर सा गया, उसने हंसना कम कर दिया, बात करना कम कर दिया और सरप्राइज देना भी।

उसके दिल में बात घर कर गयी थी की घर में रहना, घर संभालना और अपने पति की सुनना ही जिंदगी है। यही सोचते हुए और अपने आंसू पोछते हुए वो बाथरूम से बहार आ गयी और खाना बनाने में लग गयी।

अपने पति को खाना खिला और खुद खा वो सोने चली गयी और अलोक फिर रोज़ की तरह टीवी और मोबाइल लेकर बैठ गया। शादी की सालगिरह का दिन ऐसे ही बीत गया थोड़ी मीनू की खमोशी में और थोड़ी अलोक की नज़रअंदाज़गी में.... ।


February 14, 2018 No comments
LOVE
प्यार... इस शब्द को सुनते से ही दिल और दिमाग में कुछ गुदगुदी सी हो जाती है ना? कोई हमे याद आ जाता है जिसे हम भूल चुके होते है। जिंदगी के कुछ ऐसे मोड़ याद आ जाते है, जब कोई मिला होगा या कोई हमेशा के लिए बिछड़ गया होगा। है ना!! तो आइये आज हम इस प्यार को फिर से जीवित करते है, खो जाते है उन लम्हो में जिन्हे हम शायद चाहते हुए भी फिर नहीं जी पाए, और दिल के कोने में उसे दबाये रखे है। स्कूल के दिनों का प्यार सबसे अजीब होता था, वहां प्यार दोस्त से नहीं बल्कि पढ़ने वाली टीचर से अक्सर हो जाया करता था।कोई टीचर अच्छे से बात कर लेती थी तो वो हमारा पहला प्यार बन जाती थी। कॉलेज में आते- आते हमे दूसरी क्लास की लड़की / लड़का पसंद आने लगते थे, पर खुद की क्लास के लोग सब ठीक ठाक ही लगते थे। या फिर कभी क्लास की सुन्दर लड़की/ हैंडसम लड़के से हट कर कोई ऐसा पसंद आ जाता था, जिसकी सीरत अच्छी होती थी। साथ में मूवी देखना, पढ़ना , लड़ना , हंसना , रोना कब प्यार में बदल जाता था पता ही नहीं लगता था। यहाँ तक सब ठीक था लेकिन बात जब शादी की आती थी तो अक्सर दिल और दिमाग में लड़ाई चलने लगती थी। कुछ लोगो की ट्रैन पटरी से उतर जाती थी तो कुछ सुपर फ़ास्ट एक्सप्रेस की तरह शादी कर कर ही मानते थे। दोस्तों का भी भरपूर साथ मिलता था कोई दोस्त के मिलने के बहाने से आती थी तो कोई दोस्त से नोट्स लेने के बहाने उससे मिलने जाता था। कभी बस स्टैंड, कभी पानी पूरी स्टाल , कभी मंदिर या फिर कभी गली के कोने पर ऑंखें दो चार हो ही जाया करती थी। रात को मैसेज का इंतज़ार लगा रहता था और मैसेज आने पर हंसी भी आ जाती थी। छुप छुप कर मैसेज करना और बात करने का अपना अलग ही मज़ा था। आज जहाँ सब अपनी दो वक़्त की रोटी और कुछ सपने पुरे करने में दिन भर मेहनत करते रहते है, प्यार जाताना और बताना भी भूल जाते है। भूल जाते है की जिस दिल में आज पैसा और नाम पाने का जूनून है कभी प्यार के लिए पागल भी हुआ करता था। होता था  ना? तो आओ एक बार फिर अपने वजूद में से प्यार को ढूंढ निकाले, जो अभी साथ है उसे साथ के साथ -साथ प्यार भी दे। ताकि जो कमी आपको खल रही है शायद उसे ना खले और हो सके आप दोनों को ही प्यार वापस मिले, एक दिन के लिए नहीं बल्कि जिंदगी भर के लिए। इसी आशा के साथ जिओ दिल से ...
February 12, 2018 No comments
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