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EHSAAS EK PRAYAS

Dr. Rajendra Prasad
आज 28 फरवरी हमारे देश के पहले राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की पुण्यतिथि है। उनका जन्म जीरादेई बंगाल प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश राज में (अभी बिहार में) 3 दिसंबर 1884 में हुआ था। राजेंद्र प्रसाद जी पेशे से एक शिक्षक और वकील थे और राजनीती में रुझान होने के कारण वे इंडियन नेशनल कांग्रेस से जुड़े और गाँधी जी के साथ मिल के सत्याग्रह और भारत छोडो आंदोलन का हिस्सा रहे। वे आज़ाद भारत के पहले राष्ट्रपति थे और उनका कार्यकाल 26 जनवरी 1950 – 14 मई 1962 तक रहा। उन्हें वर्ष 1962 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया। 28 फरवरी 1963 , 78 वर्ष की उम्र में उनका पटना बिहार में निधन हो गया। आज उनकी पुण्यतिथि पर उनको हमारी तरफ से शत-शत नमन ....।
February 28, 2018 No comments
NATIONAL SCIENCE DAY
क्या आपको पता है 28 फरवरी को क्या है और क्यों? नहीं! तो आइये जानते है इस दिन राष्ट्रीय विज्ञान दिवस होता है। जो अनुसन्धान केन्द्रो, स्कूलों और कॉलेजो में बड़े अनोखे ढंग से मनाया जाता है। आज के दिन सी. वी रमन ने रमन इफ़ेक्ट की खोज की थी और इसी कारण इस दिन को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। टेक्नोलॉजी और विज्ञान के क्षेत्र में उनका बहुत योगदान रहा है और उनको भौतिक विज्ञान में अपना श्रेष्ठ देने के लिए 1930 में नोबेल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया और 1954 में उनको श्रेष्ठ भारतीय पुरस्कार भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था। आज के दिन विद्यार्थी अलग अलग प्रयोग कर प्रदर्शनी लगाते है और विज्ञान के चमत्कार से रूबरू होते है। तो आइये विज्ञान की दुनिया में विज्ञान दिवस को वैज्ञानिक तरीके से मनाये ... विज्ञान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
February 27, 2018 No comments
Actress Sridevi 
रविवार की सुबह जब हम सब उठे ही थे, तो खबर आई की चांदनी अब इस दुनिया में नहीं रही और फिर मुँह खुला, दिमाग अवाक् सा रह गया और दिल था की मान ही नहीं रहा था। हमारे बचपन में हमने उनकी बहुत फिल्मे जो देखी थी कभी तेज, कभी चुलबुली तो कभी मासूम हमारे दिल में उनकी एक अलग छवि बनी हुई थी। बड़ी बड़ी आँखों से जब वो देखती थी तो लगता था की कही दूर से कोई उजाला कर रहा हो। अपनी अदाकारी के साथ साथ निजी जीवन में भी उनको अपनी दो बेटियों के साथ देख दिल को सुकून मिलता था। हर माँ की तरह वो भी अपनी बच्चियों के साथ माँ से ऊपर एक दोस्त भी थी, कभी खबर आती थी की वो छुट्टी मना रही है तो कभी ये की बेटी से तू तू मै मै हो गयी है। इतने बड़े रुतबे के बाद भी माँ -माँ ही होती है, वो हमे हंसाती है, डांटती है तो कभी खुद हमारे साथ रोने लगती है। बस ऐसा ही रिश्ता रहा होगा हमारी हवा हवाई गर्ल और उनकी बेटियों का। उनकी बेटियां ख़ुशी और जहान्वी को ये शरारते और बचपन के दिन बहुत याद आने वाले है। भगवान आने वाले समय में उन दोनों का हौसला बनाए रखे क्योकि माँ से बढ़ कर कोई नहीं समझ सकता की बच्चे को क्या चाहिए। माँ का जाना जीवन में बहुत अखरता है और जीवन वीराना सा लगने लगता है। आशा है श्रीदेवी अपने बच्चो के साथ सदा रहे आशीर्वाद बन कर ताकि बच्चो को माँ की कमी न महसूस हो। ॐ शांति  ।।
February 27, 2018 No comments
Two body One soul

मीनू अलोक की शादी को आज 5 साल हो गए थे। अलोक ऑफिस से आ गए था और रोज की तरह हाथ मुँह धो चाय के इंतज़ार में था। हर दिन की तरह मीनू ने अपने पति को आज भी चाय बना के दी और बिना कुछ बोले ही कमरे में चले गयी।

चाय पी अलोक ने कमरे में जा कर पूछा और आज क्या स्पेशल बना रही हो? मीनू ने कहा- क्यों आज क्या है जो ख़ास बनाऊ? इस पर अलोक ने बोला, आज हमारी शादी की सालगिरह है याद नहीं तुमको। पहले तो कई दिन पहले से तैयारी में लग जाया करती थी। मीनू कुछ ना कह भी बहुत कुछ कह वहाँ से चली गयी। अलोक को उसकी चुप्पी समझ नहीं आई, तो वो उसके पीछे गया और पूछा क्या हो गया मीनू ने कहा कुछ नहीं बस काम कर रही हूँ और क्या?

अलोक ने फिर पूछा क्या स्पेशल बना रही हो, इस बार मीनू थोड़ी से चीड़ सी गयी बोली- लोकी की सब्जी, दाल और रोटी बना रही। अलोक बहुत असमंजस में आ गया की उसकी मीनू जो हर त्यौहार हर ख़ास दिन को और ख़ास बना देती थी। वो भले भूल जाता था पर मीनू नहीं भूलती थी। हमेशा कुछ नया और ख़ास करती थी, मुझे फूल, बढ़िया खाना और तोहफे भी दिया करती थी। आज उसे क्या हो गया?

उधर मीनू का मन भारी हो रहा था और आंखे नम हो गयी थी, बाथरूम में जा कर वह रोने लगी। ऐसा लग रहा था मानो वो अंदर से थक सी और टूट सी गयी हो। उसका मन आज भी कह रहा था की कुछ ख़ास करे पर दिमाग ने उसे सख्त हिदायत दे दी थी की बस अब बहुत हुआ माना प्यार लेने और सिर्फ पाने का नाम नहीं है लेकिन थोड़ी उम्मीद तो पाने की होती ही है। उसके अंदर यही द्वन्द चल रहा था।

शादी कर के जब वो अपने पति के साथ आयी थी, तो उसे लगता था की अलोक उसे तोहफे देगा, कभी गुलाब तो कभी कोई और सरप्राइज। कैंडल लाइट डिनर करेंगे कभी तो कभी हिल स्टेशन घूमने जायेंगे। लेकिन आज 5 साल बाद भी उसे ना कोई तोहफा मिला था, ना कही घूमने जाने का मौका। वो भी अगर कुछ करती थी तो बस एक थैंक्स मिल जाया करता था और कुछ तारीफ वाले शब्द। उसने कितनी बार अपने पति से फरमाइश भी की लेकिन वो सब कुछ बहाने और समय की बर्बादी कह टाल दी गयी। ये सब देख मीनू का मन भी उतर सा गया, उसने हंसना कम कर दिया, बात करना कम कर दिया और सरप्राइज देना भी।

उसके दिल में बात घर कर गयी थी की घर में रहना, घर संभालना और अपने पति की सुनना ही जिंदगी है। यही सोचते हुए और अपने आंसू पोछते हुए वो बाथरूम से बहार आ गयी और खाना बनाने में लग गयी।

अपने पति को खाना खिला और खुद खा वो सोने चली गयी और अलोक फिर रोज़ की तरह टीवी और मोबाइल लेकर बैठ गया। शादी की सालगिरह का दिन ऐसे ही बीत गया थोड़ी मीनू की खमोशी में और थोड़ी अलोक की नज़रअंदाज़गी में.... ।


February 14, 2018 No comments
LOVE
प्यार... इस शब्द को सुनते से ही दिल और दिमाग में कुछ गुदगुदी सी हो जाती है ना? कोई हमे याद आ जाता है जिसे हम भूल चुके होते है। जिंदगी के कुछ ऐसे मोड़ याद आ जाते है, जब कोई मिला होगा या कोई हमेशा के लिए बिछड़ गया होगा। है ना!! तो आइये आज हम इस प्यार को फिर से जीवित करते है, खो जाते है उन लम्हो में जिन्हे हम शायद चाहते हुए भी फिर नहीं जी पाए, और दिल के कोने में उसे दबाये रखे है। स्कूल के दिनों का प्यार सबसे अजीब होता था, वहां प्यार दोस्त से नहीं बल्कि पढ़ने वाली टीचर से अक्सर हो जाया करता था।कोई टीचर अच्छे से बात कर लेती थी तो वो हमारा पहला प्यार बन जाती थी। कॉलेज में आते- आते हमे दूसरी क्लास की लड़की / लड़का पसंद आने लगते थे, पर खुद की क्लास के लोग सब ठीक ठाक ही लगते थे। या फिर कभी क्लास की सुन्दर लड़की/ हैंडसम लड़के से हट कर कोई ऐसा पसंद आ जाता था, जिसकी सीरत अच्छी होती थी। साथ में मूवी देखना, पढ़ना , लड़ना , हंसना , रोना कब प्यार में बदल जाता था पता ही नहीं लगता था। यहाँ तक सब ठीक था लेकिन बात जब शादी की आती थी तो अक्सर दिल और दिमाग में लड़ाई चलने लगती थी। कुछ लोगो की ट्रैन पटरी से उतर जाती थी तो कुछ सुपर फ़ास्ट एक्सप्रेस की तरह शादी कर कर ही मानते थे। दोस्तों का भी भरपूर साथ मिलता था कोई दोस्त के मिलने के बहाने से आती थी तो कोई दोस्त से नोट्स लेने के बहाने उससे मिलने जाता था। कभी बस स्टैंड, कभी पानी पूरी स्टाल , कभी मंदिर या फिर कभी गली के कोने पर ऑंखें दो चार हो ही जाया करती थी। रात को मैसेज का इंतज़ार लगा रहता था और मैसेज आने पर हंसी भी आ जाती थी। छुप छुप कर मैसेज करना और बात करने का अपना अलग ही मज़ा था। आज जहाँ सब अपनी दो वक़्त की रोटी और कुछ सपने पुरे करने में दिन भर मेहनत करते रहते है, प्यार जाताना और बताना भी भूल जाते है। भूल जाते है की जिस दिल में आज पैसा और नाम पाने का जूनून है कभी प्यार के लिए पागल भी हुआ करता था। होता था  ना? तो आओ एक बार फिर अपने वजूद में से प्यार को ढूंढ निकाले, जो अभी साथ है उसे साथ के साथ -साथ प्यार भी दे। ताकि जो कमी आपको खल रही है शायद उसे ना खले और हो सके आप दोनों को ही प्यार वापस मिले, एक दिन के लिए नहीं बल्कि जिंदगी भर के लिए। इसी आशा के साथ जिओ दिल से ...
February 12, 2018 No comments
LOVE FOR DEAR ONE
दर्द वही होता है जहाँ दिल होता है। आज सुबह मैंने देखा की कैसे एक कबूतर के पर पर चोट लगने से, दूसरा कबूतर रोने लगा था। घायल कबूतर के शरीर से खून टपक रहा था और साथी कबूतर उसकी मदद करने में लगे हुए थे। फिर एक दम से ख्याल आया अपने बचपन का, एक दोस्त अगर गिर जाता है तो सभी दोस्त को दुःख होता है। कोई पट्टी करता था, तो कोई उसे पानी पिलाता था। लेकिन आज क्या हो गया है हम सबको आज दुसरो को गिराने में हमे मज़ा आने लगा है। दुसरो की बढ़ती देख हमे जलन होने लगी है। क्या हमारे पास दर्द कम हो रहा है, दिलो का दर्द? हज़ार चिंता और सदमे है हमको, लेकिन उन सबको साझा करने के लिए कोई अपना नहीं है। आओ कुछ ऐसे लोग जरूर साथ करले जिनको हमारे दर्द से भी दर्द होता है। और अगर आपके पास ऐसे लोग है, तो शुक्र मनाये आप दुनिये के चुनिंदा खुशनसीबों में से एक है। आखिरी में बस इतना ही की इस दिल में एक दर्द रहने दो, जज्बात भरा एक दिल रहने दो। जाएगा आखिर में यही साथ में कुछ अपनों का साथ रहने दो। 
February 07, 2018 No comments
Good Dream
क्या आप भी सपने देखते है? क्या आप उनको पूरा करना चाहते है ? क्या आप उन्हें पूरे कर पाएंगे? ये जो तीसरा प्रश्न है न यही आधे से ज्यादा लोगो की सुई अटक सी जाती है। उन्हें खुद पर भरोसा ही नहीं होता है वो जिंदगी में बहुत कुछ करना चाहते है , लेकिन ये लेकिन शब्द उनके आगे पीछे मंडराता रहता है। अगर आप दुनिया को दिखाना चाहते है की आप कुछ भी कर सकते है, तो पहले उसपर खुद यकीं करना सीखे। सीखे की कैसे आप अपने आप पर भरोसा कर सकते है। पहले खुद पर भरोसा कर लीजिए दुनिया खुद बा खुद आपकी बातो में आ जाएगी और फिर खेल होगा आपका, अभिनय होगा आपका, कहानी होगी आपकी और देखेगा उसे इस दुनिया का हर इंसान। अपने आत्मा विश्वास को हमेशा बरक़रार रखे गिरे उठे और फिर दौड़ने को तैयार हो जाए, हो सकता है फिर गिर जाए फिर उठे और भागे यही फलसफा है जीतने का भी और शान से जीने का भी ...। तो आये एक एक तिनके से शुरू कर अपने सपनो के घरोंदे को बनाये और दिखा दे दुनिया को की आपसे अच्छा कोई नहीं।
February 06, 2018 No comments
good behavior

खूबसूरती किसे अच्छी नहीं लगती, हर कोई खूबसूरत होना चाहता है और सदा रहना भी चाहता है।  खूबसूरती के मायने हर किसी के लिए अलग अलग है, किसीको गोरा रंग अच्छा लगता है, किसीको सांवला, किसीको बढ़ी बढ़ी ऑंखें तो किसीको आँखों का टिमटिमाना, कोई लम्बे बाल चाहता है तो कोई लम्बी हाइट। उम्र के एक पड़ाव पर ये सब चीजे हमारे लिए बहुत मायने रखती है, लेकिन इसी उम्र का एक पड़ाव ये भी है जब कोई आपकी सूरत को नहीं सीरत को याद रखना चाहता है। हमे अक्सर अच्छे चेहरे याद रहे या नहीं लेकिन अच्छे व्यवहार याद रह जाते है। तो आइये आज हम अच्छे शरीर और सूरत के साथ एक अच्छा दिल दिमाग और व्यवहार भी बनाये ताकि हमारे इस दुनिया से जाने के बाद हमारे शरीर के साथ हमारा वजूद ना मिट पाए ....... सोचे और फिर अमल करे जिओ दिल से .......
February 05, 2018 No comments
mother's love
माँ और बच्चे के बीच का रिश्ता हर रिश्ते की तरह दिल का होता है, मगर इसमें कुछ ऐसा भी होता है जो किसी और रिश्ते में नहीं होता। ये दिल के साथ साथ रूह का भी रिश्ता होता है।  ये बात मेरी माँ हमेशा मुझसे कहते रहते थे लेकिन मैंने उनकी बातो को सुना जरूर था पर महसूस शायद नहीं किया था ।

 लेकिन अभी कुछ दिनों की ही बात है जब में अपनी चार महीने की बेटी को नहला कर उसको सुलाने के प्रयास में उसके साथ खेल रही थी, तब मैंने उसके दोनों पैरो को खेल - खेल में चूमना शुरू कर दिया और धीरे धीरे उसको सहलाने लग गयी,वो भी मुझे अवाक् हो कर देखने लगी। बाद में मैंने उसके पैरो को अपने माथे पर रख लिया और उस समय मेरी भावना में मेरी छोटी नन्ही परी के लिए प्यार और शुक्रिया निकल रहा था की वो मुझे मिली। जब मैंने अपनी गर्दन उठा के उसकी तरफ देखा तो उसकी एक आँख से आंसू टपक रहा था। अब ये मुझे नही पता की 2 मिनट पहले खिल खिला के हँस रही मेरी बच्ची ने वो शांत आंसू क्यों टपकाया। बाद में उसने मुझे एक स्माइल दी और उसे देख मेरी आँखों से भी आंसू टपक गए, मैंने उसे गले लगा लिया।

तब जा कर मुझे एहसास हुआ की माँ ही नही बल्कि बच्चे भी माँ की बात समझते है चाहे वो बड़े हो गए हो या फिर नवजात हो। एक अनूठा और कुछ अनोखा रिश्ता जरूर होता है माँ और बच्चे का, जो कोई समझ ही नही सकता सिवाए उन दोनों के। जो रिश्ता चार महीने पुराना लग रहा था वो तो नौ महीनो को जोड़ कर बना हुआ रिश्ता था। सोचिये क्या कुछ आपके साथ भी ऐसा हुआ है अगर हां तो इस रिश्ते पर भरोसा करिये ये ही रिश्ता है जो कभी धोका नहीं देता एक माँ के लिए एक माँ की तरफ से, और एक बेटी के लिए एक बेटी की तरफ से...।

February 02, 2018 No comments
कुछ हमारी कुछ तुम्हारी 
सोशल मीडिया की इस चकाचौंद भरी दुनिया ने हम सबको जोड़ के रखा है और अलग भी कर दिया है। सोशल मीडिया का सही उपयोग लेकर हम चुटकियो में हमारे सारे प्रश्न के उत्तर ढूंढ सकते है और जिज्ञासा को शांत कर सकते है। ये विज्ञानं की अनुपम देन है जिसने हमको जोड़े रखा है आज हमारे पुराने बचपन के दोस्त हमको फेसबुक पर मिल जाते है और हम उनसे जुड़ जाते है। उनसे हाल चाल पूछ लेते है और मन की बात बता सकते है। कितने ही ऐसे प्लेटफार्म है जहाँ आप अपनी समस्याओ का हल ढूंढ सकते है चाहे नौकरी, खाना, मानसिक समस्या, पैसा कमाना सम्बंधित  क्यों न हो । लेकिन इसके दुरप्रभाव से भी बच कर रहना चाहिए और अपनों को जो हमारे आसपास है उनकी महत्ता भी समझना चाहिए। आइये हमारे जीवन में हम एक बैलेंस बना कर रखे अपनों को वक़्त दे और अपने दोस्तों से सोशल मीडिया से जुड़े भी रहे कुछ अपनी कहे कुछ उनकी सुने।
February 01, 2018 No comments
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